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Jaya

A teacher, a writer, a homemaker, and a foodie. This blog is my affection for poetry and ghazals and sharing my favorites with you!

Muk Vyatha

muk-vyatha
पुरषों को कहते हैं शासक, हम कहते है उन्हें प्रताणक| वास्तविक सत्य उलट है इसके, जो कहा न जाये किसी से|

Safaigiri

SafaiGiri
सफाई अभियान का नारा, क्या देश को भी है इतना प्यारा। अगर देश से है वाक़ई में प्यार, फिर सफाई से क्यों है इंकार।

Naari

नारी
समाज करता नहीं क्यों? विचार, नारी समाज में क्यों है? इतनी लाचार। पुरुष प्रधान समाज सदा करता है अत्याचार, नारी बाध्य है सहने को व्यभिचार।

Vidyalay

Vidyalay
विद्यालय है ज्ञान का आलय, जैसे हो पृथ्वी पे देवालय। शिक्षक गण हैं पाठ पढ़ाते, ज्ञान और बुधि को बढ़ाते।

krandan

Krandan
गर्भ में पल रही, अजन्मी पुत्री माँ से कहे पुकार के। माँ पुत्री है अनमोल, जिसका कोई नही है मोल।